एडवांस डेंटल क्लिनिक — डुमरियागंज

फिक्स दाँत

टूटे, गिरे या खराब दाँत की जगह स्थायी और खूबसूरत फिक्स दाँत लगवाएं।

आधुनिक तकनीक से बना दाँत बिल्कुल असली जैसा दिखता और काम करता है। डॉ. अनवर अली के अनुभवी हाथों से पाएं अपनी मुस्कान वापस।

१०+
वर्षों का अनुभव
५०००+
सफल इलाज
९६%
१० साल की सफलता दर
दर्द की गारंटी

क्या आपको जरूरत है?

इन स्थितियों में फिक्स दाँत जरूरी है

😣

दाँत टूट गया हो या गिर गया हो

🦷

दाँत बहुत ज्यादा खराब हो गया हो

😔

गिरे दाँत की वजह से शर्म महसूस हो

🍎

खाना चबाने में तकलीफ हो

🗣️

बोलने में परेशानी हो

😬

नकली दाँत से असंतुष्ट हों

विकल्प

फिक्स दाँत के प्रकार

आपकी जरूरत के अनुसार सही विकल्प चुना जाता है

1️⃣

सिंगल टूथ इम्प्लांट

एक दाँत गिरने पर — उसी जगह एक नया स्थायी दाँत लगाया जाता है। यह सबसे आम और सफल प्रक्रिया है। पड़ोसी दाँतों को बिल्कुल नुकसान नहीं होता।

🌉

डेंटल ब्रिज

दो या तीन दाँत गिरने पर — पड़ोसी दाँतों के सहारे ब्रिज लगाया जाता है। यह तेज और किफायती विकल्प है जो मुँह में स्थायी रूप से रहता है।

😁

फुल माउथ इम्प्लांट

सभी दाँत गिरने पर — All-on-4 या All-on-6 तकनीक से सिर्फ चार या छह इम्प्लांट के सहारे पूरे दाँत वापस पाएं। जीवन भर के लिए स्थायी समाधान।

फायदे

फिक्स दाँत के लाभ

बिल्कुल असली जैसा

रंग, आकार और बनावट में प्राकृतिक दाँत जैसा दिखता और महसूस होता है। NHS UK के अनुसार यह सबसे प्राकृतिक विकल्प है।

💪

मजबूत और टिकाऊ

टाइटेनियम की सामग्री से बना — वर्षों तक बिना किसी परेशानी के चलता है। ऑस्ट्रेलियाई शोध के अनुसार सही देखभाल से जीवन भर चल सकता है।

😄

आत्मविश्वास वापस

खुलकर मुस्कुराएं, बेझिझक बात करें और मनपसंद खाना खाएं। खोया हुआ आत्मविश्वास वापस मिलेगा।

🦷

आसान देखभाल

असली दाँत की तरह रोज ब्रश करें — कोई अलग देखभाल नहीं चाहिए। BSP UK के अनुसार सामान्य ब्रशिंग और फ्लॉसिंग पर्याप्त है।

🚫

दर्द रहित इलाज

लोकल एनेस्थीसिया से पूरी प्रक्रिया बिल्कुल दर्द रहित होती है। Guy's and St Thomas' NHS के अनुसार मरीज केवल हल्का दबाव महसूस करते हैं।

🦴

हड्डी सुरक्षित

इम्प्लांट जबड़े की हड्डी को कमजोर होने से बचाता है। नकली दाँत में यह सुरक्षा नहीं मिलती।

🔄

पड़ोसी दाँत सुरक्षित

ब्रिज की तरह आसपास के स्वस्थ दाँत घिसने नहीं पड़ते। NHS UK के अनुसार यह सबसे बड़ा फायदा है।

🌟

उच्च सफलता दर

PMC के शोध के अनुसार १० वर्षों में ९६.४% सफलता दर। यह किसी भी दंत चिकित्सा का सबसे भरोसेमंद आँकड़ा है।

स्थायी समाधान

healthdirect Australia के अनुसार सही देखभाल से इम्प्लांट जीवन भर चल सकता है।

प्रक्रिया

इलाज कैसे होता है?

हर कदम पर डॉक्टर आपके साथ हैं

०१

जाँच और परामर्श

डॉक्टर दाँत और जबड़े की पूरी जाँच करते हैं। X-Ray या CT Scan लिया जाता है। हड्डी की मजबूती, मसूड़ों की स्थिति और सामान्य स्वास्थ्य देखा जाता है।

०२

इलाज की योजना

मरीज की जरूरत के अनुसार सबसे सही इलाज तय किया जाता है। यदि हड्डी कमजोर है तो पहले उसे मजबूत किया जाता है।

०३

इम्प्लांट लगाना

लोकल एनेस्थीसिया देकर टाइटेनियम का पेंच जबड़े की हड्डी में लगाया जाता है। यह लगभग ३०-६० मिनट का काम है।

०४

ओस्सियोइंटीग्रेशन

इम्प्लांट धीरे-धीरे हड्डी के साथ जुड़ जाता है। इस प्रक्रिया में कुछ सप्ताह लगते हैं। यह चरण सबसे महत्वपूर्ण है।

०५

क्राउन लगाना

इम्प्लांट के ऊपर सुंदर और मजबूत कृत्रिम दाँत यानी क्राउन लगाया जाता है। यह बिल्कुल असली दाँत जैसा दिखता है।

०६

अंतिम जाँच

दाँत का बाइट चेक होता है। देखभाल के निर्देश दिए जाते हैं। नियमित जाँच की सलाह दी जाती है।

तुलना

फिक्स दाँत बनाम नकली दाँत

जानिए कौन सा विकल्प आपके लिए बेहतर है

विशेषता✅ फिक्स दाँत❌ नकली दाँत
स्थायित्वजीवन भर५-७ साल
दिखावटबिल्कुल असली जैसाकृत्रिम लगता है
आरामपूरी तरह आरामदायककभी-कभी असहज
देखभालसामान्य ब्रशिंगअलग से सफाई
हड्डी सुरक्षाहाँनहीं
खाने की आजादीपूरीसीमित
आत्मविश्वासपूराकम

देखभाल

फिक्स दाँत की देखभाल

इन आसान नियमों से आपके दाँत हमेशा स्वस्थ रहेंगे

रोज सुबह और रात को ब्रश करें

फ्लॉस का नियमित उपयोग करें

बहुत कड़ी चीजें जैसे बर्फ चबाने से बचें

धूम्रपान और तंबाकू से परहेज करें

हर ६ महीने में डेंटिस्ट से जाँच करवाएं

माउथवॉश का उपयोग करें

मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करें

मसूड़ों में सूजन हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

सवाल-जवाब

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फिक्स दाँत कितने समय तक चलते हैं?

PMC के शोध के अनुसार १० वर्षों में ९६.४% सफलता दर है। अच्छी देखभाल से टाइटेनियम इम्प्लांट जीवन भर चल सकता है।

क्या फिक्स दाँत लगवाने में दर्द होता है?

नहीं। लोकल एनेस्थीसिया से पूरी प्रक्रिया दर्द रहित होती है। Guy's and St Thomas' NHS के अनुसार मरीज केवल हल्का दबाव महसूस करते हैं।

कितनी बार क्लिनिक आना होगा?

Australia के healthdirect के अनुसार कम से कम ४ बार आना पड़ता है — जाँच, इम्प्लांट, ठीक होने के बाद और क्राउन लगाने के लिए।

फिक्स दाँत और नकली दाँत में क्या फर्क है?

नकली दाँत यानी डेन्चर निकाले जा सकते हैं, अस्थायी होते हैं और हड्डी की सुरक्षा नहीं करते। फिक्स दाँत स्थायी, आरामदायक और हड्डी की रक्षा करने वाले होते हैं।

क्या बुजुर्ग लोग भी फिक्स दाँत लगवा सकते हैं?

हाँ। BSP UK के अनुसार उम्र कोई बाधा नहीं है। बस जबड़े की हड्डी और मसूड़े पर्याप्त स्वस्थ होने चाहिए।

क्या धूम्रपान करने वाले फिक्स दाँत लगवा सकते हैं?

Guy's NHS के अनुसार धूम्रपान करने वालों में इम्प्लांट की सफलता कम होती है। इलाज से ३-४ सप्ताह पहले और बाद में धूम्रपान बंद करना जरूरी है।

क्या दाँत पीसने की आदत हो तो इम्प्लांट हो सकता है?

CUH NHS के अनुसार दाँत पीसने की आदत इम्प्लांट पर अतिरिक्त दबाव डालती है। डॉक्टर से इसका इलाज पहले करवाएं।

इलाज के बाद खाने-पीने में कोई परहेज होगा?

शुरुआती कुछ दिन नरम खाना खाएं। बाद में सब कुछ सामान्य रूप से खा-पी सकते हैं। बस बहुत कड़ी चीजें न चबाएं।

डॉ. अनवर अली से मिलें

दाँत की कोई भी समस्या हो — बड़ी या छोटी — हम आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार हैं। आज ही अपॉइंटमेंट लें।

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पता

LIC के सामने, बस्ती रोड, डुमरियागंज

📞

फोन

6387129705 / 9452531751